डॉक्टरों ने खुद ही तैयार किया ड्यूटी रोस्टर, भेजा मंत्रालय
देश में कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए सरकारी अस्पतालों में तैनात रेजीडेंट डॉक्टर एकजुट हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने अपने स्तर पर पहल करते हुए ड्यूटी रोस्टर तैयार किया है जिसे उन्होंने सभी अस्पतालों में लागू कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दिया है। इसके तहत कोरोना वायरस से निपटने के लिए डॉक्टरों को टीमों में बांटा जाए।
प्रत्येक अस्पताल में 6 टीमें तैयार की जाएं। इसके तहत पहले हफ्ते दो टीमों की ड्यूटी लगाई जाए जिसमें एक टीम दिन और दूसरी रात में ड्यूटी दे। इन दोनों टीमों के एक हफ्ता पूरा होने के बाद इन्हें 14 दिन के क्वारंटीन में भेजा जाए और फिर अगली दो टीमों की ड्यूटी लगाई जाए। जब इनका एक हफ्ता पूरा हो जाए तो इन्हें भी क्वारंटीन में भेजकर अगली दो टीमों को ड्यूटी सौंपी जाए।
इस तरह प्रत्येक टीम बचाव के लिए 14 दिन के क्वारंटाइन में रह सकेगी। इस तरह 6 टीमें काम करेंगी तो कोरोना से निपटने में आसानी होगी अन्यथा एक ही बार में सभी डॉक्टरों पर संक्रमण का खतरा हो सकता है। फोर्डा अध्यक्ष डॉ. शिवाजी का कहना है कि इस वक्त अस्पतालों पर फोकस करना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों से लेकर तमाम स्वास्थ्य कर्मचारी रात दिन वायरस से लड़ाई लड़ रहे हैं।
मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टरों के स्तर पर भी पूरे योजनाबद्घ तरीके से चला जाए। इसीलिए ड्यूटी रोस्टर तैयार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार इसे सभी राज्यों में लागू जरूर कराएगी।